संदेश न्यूज़ 24गोरखपुर। जिले में लगातार अवैध असलहों और कार्बाइन से हो रही फॉयरिंग को लेकर पुलिस जिला भले ही सुस्त हो, लेकिन एडीजी अखिल कुमार एक बार फिर एक्शन मोड में आ गए हैं। एडीजी के ‘ऑपरेशन तमंचा के बाद अब उन्होंने ‘ऑपरेशन तमंचा-2.0’ शुरू किया है।गोरखपुर में कार्बाइन से ताबड़तोड़ फॉयरिंग के मामले में जहां एडीजी ने तत्काल हल्का दरोगा और बीट सिपाही को सस्पेंड करने का निर्देश दिया। वहीं, उन्होंने तत्काल गोरखपुर जोन के सभी 11 जिलों में यह अभियान भी शुरू करा दिया।जिसमें उन्होंने सख्त निर्देश दिया है कि 7 दिनों के अंदर अभियान चलाकर पुलिस अवैध असलहों के खिलाफ एक्शन लेगी। बीट पुलिस अधिकारी अपने इलाके में छिपाकर रखे गए अवैध असलहों की जानकारी हासिल करेंगे।
इसके लिए बीपीओ लेखपाल, एनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, कोटेदारों और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों की भी मदद लेंगे। बीपीओ इस सूचना को तीन दिनों के अंदर हासिल कर लिखित रुप से अपने बीट दरोगा के जरिए थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएंगे। सूचना पर 7 दिनों के अंदर जांच कर थाना प्रभारी न कि सिर्फ असलहा बरामद करेंगे बल्कि अवैध असलहा रखने वाले के खिलाफ भी सख्त एक्शन लेंगे। एडीजी अखिल कुमार ने बताया, अभियान के तहत सभी बीट पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में पिछले 10 साल में अवैध शस्त्रों के साथ पकड़े गए लोगों से भी पूछताछ करेंगे। ताकि, अवैध असलहों और कारतूस कहां से सप्लाई कहां से हो रही है, इसका पता लगाया जा सके।इसकी लिस्ट बनाकर भी बीट एसआई के जरिए से थाना प्रभारी को देंगे। इसके बाद थाना प्रभारी इस तरह के अवैध शस्त्र बनाने और सप्लाई करने वाले सभी व्यक्तियों का सत्यापन करेंगे। उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी लेंगे। साथ ही उनसे पूछताछ कर हासिल की गई जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे।
एडीजी ने बताया, इसके अलावा अवैध असलहों के संबंध में सूचना हासिल करने के लिए जनता की लोगों की भी मदद ली जाएगी। सभी जिला के पुलिस कप्तान अपना सीयूजी मोबाइल नंबर सार्वजनिक करेंगे। जिस पर कोई भी व्यक्ति अवैध शस्त्रों के संबंध में गोपनीय रूप से सूचना पुलिस को दे सकेगा।सूचना देने वाले का नाम और पता पूरी तरीके से गोपनीय रखा जाएगा।सीयूजी मोबाइल नंबर जिले के पुलिस कप्तानों के पास होगा। एडीजी ने कहा, दरअसल पुलिस पर अक्सर आरोप लगते हैं कि पुलिस द्वारा फर्जी तरीके से आर्म्स एक्ट में चालान कर दिया गया। इसे देखते हुए यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि किसी भी स्थिति में फर्जी रूप से आर्म्स एक्ट के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।सिर्फ सही बरामदगी ही की जाएगी। फर्जी बरामदगी की शिकायत अगर मिली तो संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर गंभीर कार्रवाई की जाएगी।पुलिस कार्रवाई के दौरान अगर कोई भी अवैध असलहे संग पकड़ा जाता है तो उससे पूछताछ कर उसके रोड के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। उसका निर्धारित प्रारूप में अभिलेखीकरण किया जाएगा। सभी सीओ इस काम का पर्यवेक्षण सर्किल स्तर पर और पुलिस कप्तान जिले स्तर पर करेंगे।इसकी सूचना प्रतिदिन पुलिस कप्तान, डीआईजी को और DIG के जरिए जोन के ADG और फिर ADG इसकी रिपोर्ट DGP हेडक्वार्टर को भेजेंगे।
ADG ने यह भी निर्देश दिया है कि असलहों के साथ ही अतिरिक्त कारतूसों का भी सत्यापन किया जाएगा। जिसमें शस्त्र की दुकानों में 3 साल में बिक्री के सभी काम और का सत्यापन, सभी लाइसेंसधारियों का घर पर ही संबंधित बीट पुलिस अधिकारी द्वारा सत्यापन, सीओ और थाना प्रभारी द्वारा अपने क्षेत्र के अंतर्गत सभी प्रकार के लाइसेंस धारियों के शस्त्र और कारतूसों का पूरी तरह से सत्यापन, लाइसेंस धारकों द्वारा हर्ष फायरिंग या जानवरों के अवैध शिकार आदि में असलहा और कारतूस के प्रयोग, जोकि अपराध की श्रेणी में आता है।क्योंकि इसी तरह की अन्य अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किए गए कारतूसों के संबंध में लाइसेंस धारकों द्वारा तमाम बहाने बताए जा सकते हैं, जो संदिग्ध होते हैं। इन सारी घटनाओं के संबंध में जानकारी करते हुए संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




