संदेश न्यूज़ 24गोरखपुर बैंक के अंदर कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) में खेल कर लाखों रुपए उड़ा दिए. बैंक को जब इसकी भनक लगी तो उनके होश उड़ गए. बैंक की शिकायत पर राजघाट पुलिस ने दो आरोपितों गोरखपुर निवासी फैज खान और कानपुर के विजय यादव को अरेस्ट किया है.ऐसे करता थे फ्रॉड
बीटेक स्टूडेंट्स पहले अपने एक्सिस बैंक अकाउंट में खुद कैश जमा करते थे. फिर बैंक में जाकर कैश डिपॉजिट मशीन से 10-10 हजार रुपए निकाल लेते थे. इसमें जालसाजी यह थी कि जैसे ही ट्रांजेक्शन के समय जैसे ही मशीन से बाहर पैसा आता था तब रुपए उठाकर ट्रे को लकड़ी लगाकर रोक लेते थे. जब मशीन पर कैश विड्रॉल की जगह ट्रांजेक्शन एरर शो होने लगता था, तब ट्रे छोड़ देते थे. इसके बाद बैंक से क्लेम कर रिफंड पैसे लेते थे.
6 लाख रुपए की कर चुके जालसाजी
दोनों इंजीनियर साथी मिलकर अब तक गोरखपुर और कानपुर में 6 लाख रुपए की जालासाजी कर चुके हैं. ये स्मार्ट तरीके से पैसा उड़ा रहे थे, इस बात का बैंक को पता भी नहीं चल पा रहा था. एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया, राजघाट पुलिस ने इस गैंग के दो जालसाजों को श्रीरामघाट के पास से गिरफ्तार कर लिया है. जबकि, इनका तीसरा साथी अभी फरार है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी अरेस्ट कर लिया जाएगा.
71 हजार कैश समेत कार और बाइक बरामद
इनमें आरोपी फैज खान कम्प्यूटर सांइस से इंजीनियरिंग करने वाला बीटेक थर्ड ईयर का स्टूडेंट है. जबकि, विजय यादव बिजनेसमैन है. वहीं, उदय नाम का इनका तीसरा साथी अभी फरार चल रहा है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है. पुलिस ने दोनों के पास से 71 हजार रुपए कैश, 10 एटीएम कार्ड, दो मोबाइल फोन, एक ब्रेजा कार और एक बाइक भी बरामद की है.
यहां से किया फ्रॉड
जालसाजों ने जून 2022 से अब तक गोरखपुर में 4 ट्रांजेक्शन कर 5.99 लाख रुपए का फ्रॉड किया है, जिसमें बेतियाहाता से 1.69 लाख, राजेंद्रनगर से 1.80 लाख, हर्बट बंधा से 1.80 लाख और जीरो प्वाइंट कालेसर से 50 हजार रुपए का फ्रॉड किया है. इसके अलावा इस गैंग ने कानपुर से भी 20 हजार रुपए के ट्रांजेक्शन कर फ्रॉड करने की बात कबूल की है.
लगेगा गैंगेस्टर, कुर्क होगी संपत्ति
एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई कर रही है. साथ ही इस गैंग को रजिस्टर्ड कर इनके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी. इनकी अन्य बैंक डिटेल भी जुटाई जा रही हैं, ताकि फ्रॉड कर जुटाए गए पैसों से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त कराया जा सके.
टारगेट कैश डिपाजिट मशीन
जालसाज कैश डिपॉजिट मशीन को ही टारगेट करते थे. कैश डिपॉजिट मशीन में कैश निकालने या जमा करने के लिए ट्रांजेक्शन होते ही एक बॉक्स खुलता है और ट्रे बाहर आती है. जिसमें अंदर हाथ डालकर कैश निकाले और जमा किए जाते हैं.




