संदेश न्यूज़ 24गोरखपुर. यूपी के गोरखपुर की पुलिस ने दो ऐसे लुटेरों को गिरफ्तार किया है, जिनके कारनामों को सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे. ये दोनों लुटेरे महंगी बाइक का शौक रखते हैं. इसी महंगी बाइक की किस्त चुकाने के लिए ये शातिर लुटेरे सड़क पर जाने वाले राहगीरों के मोबाइल के लूट की घटना को अंजाम देते रहे हैं.पुलिस ने जब मोबाइल लूट की एक जैसी बाइक से हुई वारदात की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो एक ही सीट पर दो सवार बैठे दिखाई दिए. पुलिस ने जांच की तो पता चला कि 3 लाख रुपए से अधिक की कीमत वाली ये जावा रेसर बाइक शहर में महज 6 लोगों ने खरीदी है. इसकी पड़ताल कर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गोरखपुर के एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने शुक्रवार को पुलिस लाइन व्हाइट हाउस में घटना का खुलासा किया.
उन्होंने बताया कि कैंट पुलिस ने रेसर जावा बाइक से मोबाइल लूटने वाले दो लुटेरों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान गोरखपुर के चिलुआताल थानाक्षेत्र के मानीराम सिक्टौर के रहने वाले पीयूष पाण्डेय और राजवीर जायसवाल उर्फ छोटू के रूप में हुई है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को कैंट थानाक्षेत्र के विश्वविद्यालय चौराहा के पास से गिरफ्तार किया है. पीयूष पाण्डेय ने तीन लाख रुपए से अधिक कीमत की जावा रेसर बाइक खरीदा और किस्त जमा करने के लिए राजवीर के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम देने लगा. गो
रखपुर के एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि पीयूष ने राजवीर के साथ मिलकर हाल के दिनों में कैंट थानाक्षेत्र के छात्रसंघ चौराहा के पास और राजेन्द्र नगर से मोबाइल लूट की घटना को अंजाम दिया था. अरेस्ट होने से पहले भी ये मोबाइल लूटने की फिराक में रहे हैं. लेकिन इसके पहले ही कैंट पुलिस के हत्थे चढ़ गए. शहर में लगे त्रिनेत्र/सीसी कैमरे की मदद से इन लुटेरों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है.
जावा बाइक पर बैठने के लिए एक ही सवार की जगह रहती है, लेकिन एक ही सीट पर दोनों आरोपी बैठ जाते रहे हैं. साइड से देखने पर लगता रहा है कि एक ही युवक बाइक पर बैठा हुआ है. गोरखपुर में अब तक 6 जावा बाइक बिकी हैं. उनमें ये बाइक भी सम्मिलित है. बाइक खरीदने से पूर्व पीयूष सीएमओ का ड्राइवर रहा है. इसकी आदतों से बाज आकर सीएमओ ने पीयूष को नौकरी से निकाल दिया.
इसके बाद उसने किस्त पर जावा रेसर बाइक तीन लाख में खरीदा था. किस्त जमा करने के लिए मोबाइल लुटेरा बन गया. इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 392 और 411 के तहत कार्रवाई की गई है. इन दोनों मोबाइल लुटेरों को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रमुख रूप से प्रभारी निरीक्षक कैंट शशिभूषण राय, उपनिरीक्षक चौकी प्रभारी जटेपुर धीरेंद्र कुमार राय, कांस्टेबल संजीत यादव, हेड कांस्टेबल मोहसिन खान सम्मिलित रहे.




