संदेश न्यूज़ 24 गोरखपुर खजनी तहसील अंतर्गत विकासखंड खजनी के जिन पूर्व प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय बनकटा हनुमान का मामला अध्यापकों पर बच्चों को समयबद्धता का महत्व बताने की जिम्मेदारी है, वही अध्यापक स्वयं ही लेटलतीफ हैं। स्कूल पहुंचकर बच्चे उनका इंतजार करते हैं। खजनी क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों की ऐसी ही स्थिति है। शिकायत के बाद भी अधिकारी इन शिक्षकों पर कार्रवाई करने से बचते रहते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार सरकार और साथ में स्कूली महानिदेशक विजय किरण आनंद जी लगातार यह प्रयास कर रहे हैं निर्धारित समय के अंदर अध्यापक विद्यालय पहुंचे। इसके लिए कॉल सेंटर से बकाया दे फोन किया जाता है पूछा जाता है हर दिन नए नए शिक्षकों के पास या यह भी कहे दूसरों शिक्षकों के मोबाइल पर फोन करके और बच्चों के माध्यम से उनका लोकेशन पूछा जाता है। उसके बावजूद इस विद्यालय के शिक्षक निर्धारित समय पर विद्यालय पर नहीं पहुंचते हैं। अब सवाल उठता है जब सब कुछ ऑनलाइन है तो कैसे निर्धारित समय से लेट पहुंचने बावजूद उनका अटेंडेंस लाख हो रहा है
बुधवार सुबह पूर्व प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय बनकटा हनुमान के बगल में 9:45 बजे तक शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचे। वही छात्र एवं छात्राओं मलगे ताले के पास खड़े छात्र इंतजार कर रहे थे। विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित 4 अध्यापक तैनात हैं समय से किसी की उपस्थिति नहीं होती वही विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक रविंद्र नाथ राय ग्रामीणों के साथ बदतमीजी कर पेश आते
और समय से पहले घर से जाते हैं ग्रामीणों ने बताया कि यहां के शिक्षकों के न आने का समय और न जाने का। शिकायत करने पर भी अधिकारी ध्यान नहीं देते। शिक्षकों के विलंब से आने की शिकायत कई बार की जा चुकी है। वहीं बुधवार के रोस्टेड के अनुसार तहरी और दूध की व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन उस स्कूल में सालों साल बीत जाते हैं स्कूल में दूध नहीं पहुंचता है ना ही बच्चों को मिलता है खजनी क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों का यही हाल है। छात्रों ने बताया कि वह समय से आ जाते हैं, शिक्षक उनके बाद ही स्कूल पहुंचते। खंड शिक्षा अधिकारी नीलेश कुमार पाण्डेय ने बताया ग्रामीणों ने शिकायत की थी, जिसकी जांच की जा रही है। शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है।




