संदेश न्यूज़ 24 गोरखपुर जिले में साइबर जालसाजी करने के मामले में गोरखपुर पुलिस को पड़ी सफलता हासिल हुई है। बैंक से ऋण और सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने का झांसा देकर खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सात अभियुक्तों को एम्स पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में गोरखपुर, देवरिया, मऊ, बलिया के शातिर हैं। लखनऊ, वाराणसी और भदोही के अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश हो रही है।

गोरखपुर एसपी सिटी निमिष पाटिल और एएसपी अरुण कुमार ने मंगलवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपियों ने सिंघड़िया के पास अपना ऑफिस खोल रखा था। ये लोन दिलाने व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से उनके दस्तावेज ले लेते थे। आधार कार्ड की मदद से सिम निकलवाकर बैंक खाता खुलवाते और साइबर ठगी की रकम को ठिकाने लगाते थे। कई लोगों से बैंक खाते भी मांगकर बदले में कमीशन का लालच देते थे।
उन्होंने बताया कि एम्स थाना क्षेत्र में लोन दिलाने के नाम पर टीचर्स कॉलोनी के रहने वाले शिक्षक सुनील शर्मा से ठगी की थी। जालसाजों ने उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए और फिर लाखों रुपये का साइबर फ्रॉड कर डाला। शिक्षक के खाते फ्रीज होने पर मामले की जानकारी हुई। पीड़ित ने कैंट के सिंघड़िया आर्दशनगर निवासी ध्रुव साहनी, जंगल रामगढ़ उर्फ रजही निवासी सूरज के खिलाफ एम्स थाने में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच की तो गिरोह का पर्दाफाश किया। ध्रूव साहनी ही गिरोह के लोगों को निर्देश देता था। पकड़े गए आरोपियों के पास से दस मोबाइल, एक टैबलेट, दो लैपटॉप, आठ कूटरचित मुहर, 28 हस्ताक्षरशुदा चेक, चार पासबुक, तीन एटीएम कार्ड, दो चेकबुक बरामद हुई हैं।
इनकी हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने ध्रुव साहनी और सूरज सिंह के अलावा पिपराइच के पिपरा बसंत निवासी अजय उपाध्याय, देवरिया के गौरी बाजार क्षेत्र के असनहर निवासी अखंड प्रताप सिंह, मऊ के गोपालपुर के बृजेंद्र कुमार सिंह, बलिया जिले के हल्दी थाना के बहादुरपुर निवासी अXभिषेक कुमार यादव और एम्स इलाके के नीना थापा झरनाटोला निवासी अमर कुमार निषाद को गिरफ्तार किया है। बृजेंद्र वर्तमान में एम्स इलाके के नीना थापा और अमर निषाद वाराणसी जिले के सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंधौरा में रहता था। वाराणसी, भदोही और लखनऊ के तीन आरोपी भी वांछित हैं।
10 लोगों के खातों से करोड़ों का लेनदेन
शिकायत मिलने के बाद एम्स पुलिस की शुरुआती जांच में 10 लोग सामने आए, जिनके खातों से आरोपियों ने लाखों रुपये का लेनदेन किया है। आरोपियों ने इनमें से कुछ पीड़ितों के नए खाते खोले तो कुछ लोगों काे वर्तमान खाते का ही एक्सेस लेकर ट्रांजेक्शन किया गया। बताया जा रहा है कि ठगी के शिकार पीड़ित बड़ी संख्या में हैं। पुलिस उनकी जानकारी जुटा रही है।
फर्जी दस्तावेज पर लोन करा देते थे शातिर
जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी दस्तावेज पर लोन भी करा देते थे। इनके पास से लोन कराने में आवश्यक भू-नक्शा बनाने के लिए राजस्व विभाग व अन्य विभागों का कूटरचित स्टांप मिला है। जरूरत पड़ने पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर विभिन्न प्राइवेट और सरकारी लोन दिलवाते थे। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि कितने लोगों का गिरोह ने लोन कराया है।




