संदेश न्यूज़ 24 गुजरात मोरबी में हुई 30 अक्टूबर को हादसे को लेकर एक चौंका देने वाला खुलासा हुआ हैं। दरसल गुजरात सरकार के अनुसार पुल को रिपेयर करने के लिए 2 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था।लेकिन उसमें से सिर्फ 28 लाख रुपये मात्र ही पुल के रिपेरिंग कार्य में लगाए गए हैं। जिसके कारण पुल की पूरी तरह से रिपेयरिंग नहीं हो पाई और पुल हादसे का शिकार हो गया। पुल में सिर्फ फ्लोरिंग का काम किया गया था। उसकी रॉड नहीं बदली गई थी। जानकारों की माने तो हादसे के तीन दिन बाद भी कार्यकारी कंपनी के खिलाप कोई शिकायत नहीं की गई हैं।
कलेक्टर के मना करने के बाद भी खोला गया पुल
Morbi Bridge Collapse मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कलेक्टर ने पुल को खोलने से इंकार किया था। जिसके बावजूद ओरवा कंपनी ने पुल खोलकर लोकार्पण किया था। जानकारों से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी को अभी तक कोई एनओसी नहीं दी गई थी। लेकिन फिर भी लोकार्पण का काम किया गया था।
10 साल तक ब्रिज हिलेगा भी नहीं… – ओरेवा के मालिक
Morbi Bridge Collapse इन दिनों कंपनी ओरेवा के मालिक का बयान सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा है। जिसमें वे कह रहे हैं कि उद्घाटन के वक्त जयसुख पटेल ने कहा था कि दस साल तक ब्रिज हिलेगा भी नहीं। जिसको लेकर अभ काफी लोगों का विरोध देखने को मिला हैं। ओरेवा वही कंपनी है जिसने मोरबी हादसे वाले पुल को रिपेयर करने का कॉंट्रेक्ट लिया था।




