संदेश न्यूज़ 24गोरखपुर जिले के बेलीपार इलाके के जुड़ापुर गांव में सोमवार की शाम पांच बजे के करीब राहुल यादव (34) की चाकू घोंपकर बदमाशों ने हत्या कर दी। बीच-बचाव करने गए दो युवक भी चोटिल हो गएआरोप है कि पुरानी रंजिश में गांव के ही युवकों ने वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी चिकन की दुकान चलाते हैं। दोनों ने मुर्गा काटने वाले चाकू से वारदात की है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
जानकारी के मुताबिक, राहुल यादव ड्राइविंग करके परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी गांव के ही दो भाइयों संतोष व किरन निषाद से पुरानी रंजिश है। दोनों से पहले भी राहुल की मारपीट हुई थी और बेलीपार पुलिस ने केस दर्ज कर चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। सोमवार को एक बार फिर राहुल का आरोपियों से विवाद हो गया। आरोपियों ने मुर्गा काटने वाले चाकू से राहुल यादव पर हमला कर दिया।
बीच-बचाव करने गए रूपेश और अन्नू भी चोटिल हो गए। गंभीर हालत में गांव वाले उसे लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां से डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में ही राहुल की मौत हो गई। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने राहुल को मृत घोषित कर दिया।
पांच बहन-भाइयों में दूसरे नंबर का था राहुलराहुल की तीन बहनें व दो भाई हैं। बहनों की शादी हो चुकी है। राहुल की शादी नहीं हुई थी। छोटा भाई 15 वर्षीय रोहित ग्यारहवीं का छात्र है। राहुल के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। घर में दादा रामसूरत व दादी लालजोता देवी हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। राहुल ड्राइविंग करके जीवन यापन करता था।
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि पुराने विवाद में चाकू से हमला किया गया, जिसमें युवक की मौत हो गई। पहले भी विवाद हुआ था, जिसमें पुलिस ने केस दर्ज कर चार्जशीट दाखिल कर दी है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विवाद को हल्के में ली थी पुलिस, चली गई जान
राहुल का गांव के दो युवकों से पिछले छह महीने से विवाद चल रहा है। पुलिस ने एक बार केस दर्ज किया तो दूसरी बार समझौता करा दिया। कठोर कार्रवाई न होने की वजह से आरोपियों का मन बढ़ गया और सोमवार को चाकू घोंपकर राहुल की जान ले ली। पुलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, छह महीने पहले दो पक्षों में मारपीट हुई थी। उस दौरान एक पक्ष से राहुल भी गया था। उसका कहना था कि वह बीच-बचाव करने गया था। इस मामले में रोहित की तहरीर पर पुलिस ने मारपीट व धमकी देने का केस दर्ज किया था। पुलिस चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है, लेकिन सात साल से कम की सजा होने की वजह से गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
इसके बाद एक बार फिर मारपीट हुई और केस दर्ज हुआ। दो महीने पहले हुए विवाद में पुलिस ने समझौता करा दिया। लोगों का कहना है कि बार-बार हो रहे विवाद को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया और सोमवार को राहुल की जान चली गई




