संदेश न्यूज़ 24 गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र के बांहपुर गांव में दलित महिला के साथ अत्याचार और मकान पर जबरन कब्जा करने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के साथ ही एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।घटनाक्रम के बाहर आने के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

25 वर्षों से रह रहे मकान पर जबरन कब्जे का आरोप
बांहपुर निवासी जया पत्नी अरविंद ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि वह पिछले 25 वर्षों से रामजनकी मार्ग स्थित मकान में रह रही हैं। 24 नवंबर की शाम गांव के ही राजेंद्र यादव पुत्र स्व. भुआल, गांधारी देवी पत्नी स्व. भुआल और सरोज देवी पत्नी विशुनदेव अचानक उनके घर पहुंचकर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने लगे।
पीड़िता जब इसका विरोध करने लगी तो तीनों आरोपियों ने उसे और उसकी बेटी को लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने बाल पकड़कर घसीटा, जिससे उसका सोने का मंगलसूत्र टूटकर गिर गया। हमले में पीड़िता और उसकी पुत्री को चोटें आईं।महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। भयभीत पीड़िता ने थाने में पहुंचकर अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई।
थाना गोला के प्रभारी निरीक्षक राहुल शुक्ला ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि आरोपियों पर बीएनएस की धारा 329(3) (गंभीर मारपीट), 115(2) (धमकी), 352, 351(3), 324(4) सहित एससी/एसटी एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है




