संदेश न्यूज़ 24 गोरखपुर जिले गोरखपुर में एक शख्स ने एडीएम सिटी का फर्जी आदेश पत्र बनाया और 4 अक्टूबर को बारावफात का जुलूस निकाल लिया। बाद में पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि पुराने आदेश की कॉपी में एडिट करके फर्जी आदेश पत्र बनाया था।पुलिस ने उसे अरेस्ट कर जेल भेज दिया।

चक्सा हुसैन नूरी मस्जिद के अहमद रजा उर्फ शादाब ने 30 सितंबर को गोरखनाथ थाने में 4 अक्टूबर को बारावफात का जुलूस निकालने की अनुमति मांगी थी। लेकिन इस दौरान दशहरा और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जैसे त्योहार थे, इसलिए यह अनुमति नहीं दी गई।
इसके बाद भी शादाब ने यह जुलूस निकाला। जब पुलिस को इस बात की जानकारी हुई तो मामले की जांच शुरू हुई। पूछताछ में शादाब ने पुलिस के सामने एडीएम सिटी का एक आदेश पत्र पेश किया इसमें कथित तौर पर 4 अक्टूबर को जुलूस निकालने की अनुमति दी गई थी।
लेकिन जब पुलिस ने बारीकी से इसकी जांच की तो पता चला कि यह आदेश पत्र फर्जी है। दरअसल यह 5 सितंबर का एक आदेश पत्र था। इसी में एडिटिंग करके इसे 4 अक्टूबर बनाकर यह फर्जी आदेश पत्र बनाया गया था। मूल आदेश में 5 सितंबर को जुलूस निकालने की अनुमति दी गई थी। लेकिन यह आदेश केवल एक दिन के लिए ही था। पकड़े जाने पर एडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी की तहरीर पर शादाब को जालसाजी और कूटरचना की धाराओं में जेल भेज दिया गया।




