संदेश न्यूज़ 24 गोरखपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी के पास गोड़धोईया पुल पर बनी हजरत बाबा जाफर अली शाह ‘मासूम’ की मजार बुलडोजर लगाकर ध्वस्त कर दी गई।जैसे ही इसकी जानकारी आसपास के मोहल्ले के लोगों को हुई। लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। धर्म विशेष के कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू किया। इनमें मुख्य रूप से महिलाएं शामिल थीं, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे किसी की एक न चली।

जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के गोड़धोईया नाला पुल के बगल में बरसों पहले मजार बनाई गई थी। गुरुवार को शासन के निर्देश पर इसे ध्वस्त कर दिया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की मौजूदगी में हुई। ध्वस्तीकरण की सूचना जैसे ही आसपास के मोहल्ले वासियों को हुई, वैसे ही लोग मजार के पास पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करना शुरू कर दिया, लेकिन प्रशासन की सख्ती के आगे उनकी एक न चली।
बता दें कि गोड़धोईया नाला चौड़ीकरण और निर्माण कार्य के दौरान बीच में आए किसी भी अतिक्रमण वाले स्थल को हटाया जा रहा है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होते देख उपस्थित महिलाएं भावुक हो उठीं और बड़े निराशा भाव से दूर खड़े होकर कार्रवाई को देखती रहीं। उनका कहना था कि हम बरसों से मजार पर आकर बाबा के आस्ताने में हाजिरी लगा कर मन्नत मांगते थे।
वहीं, मोहल्ले के रहने वाले मोहम्मद खालिद का कहना था कि मेरी उम्र 45 साल है और बचपन से ही मैं इस मजार को यहां देख रहा हूं। उसके पहले से यह मजार यहां स्थित है। रही बात सरकारी जमीन पर कब्जे की तो मुझे इसके विषय में कोई जानकारी नहीं। हालांकि, प्रशासन की इस कार्रवाई से हमें कोई आपत्ति नहीं, हमें पहले से इसकी जानकारी थी। सड़क और नाला चौड़ीकरण की जद में कोई भी अतिक्रमण आ रहा है तो प्रशासन की तरफ से उसे पूर्व सूचना के आधार पर हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय दौरे पर गोरखपुर में मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट गोड़धोईया नाला और चौड़ीकरण की जद में यह मजार आ रही थी। फिलहाल इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह मजार पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी थी।




