संदेश न्यूज़ 24 गोरखपुर EWS Quota: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दाखिले और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS- Economically Weaker Sections ) के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले 103वें संविधान संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना अहम फैसला सुना दिया है।सुप्रीम कोर्ट ने EWS आरक्षण को बरकरार रखा है। कोर्ट ने इसे संविधान के खिलाफ नहीं बताया है। 10 फीसदी मिलता रहेगा आरक्षण 50 फीसदी से अधिक आरक्षण होने पर EWS आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट में इसे केंद्र सरकार की बड़ी जीत मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब सवर्णों को आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण मिलता रहेगा। 3 जजों ने समर्थन में सुनाया फैसला सुप्रीम कोर्ट की पांच-जजों की बेंच ने संविधान के 103वें संशोधन अधिनियम 2019 की वैधता को बरकरार रखा है। जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 10% EWS आरक्षण प्रदान किया गया है। पांच में से तीन जजों ने अधिनियम को बरकरार रखने के पक्ष में अपना फैसला सुनाया, जबकि दो जजों ने इसपर असहमति जताई।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बेंच के जज दिनेश माहेश्वरी, बेला त्रिवेदी और जेबी पारदीवाला ने EWS संशोधन को बरकरार रखा है। जबकि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया उदय यू ललित और जस्टिस रवींद्र भट ने इस पर असहमति व्यक्त की है। EWS संशोधन को बरकराकर रखने के पक्ष में निर्णय 3:2 के अनुपात में हुआ।




