संदेश न्यूज़ 24गोरखपुर. जिले की पुलिस का रेपिस्टों से सहानभूति का एक और मामला सामने आया है. पिपराइच इलाके की रहने वाली एक लड़की के साथ गैंगरेप हुआ. पहले तो पुलिस ने उसकी FIR लिखने से इंकार कर दिया लेकिन, जब मामला ADG जोन अखिल कुमार के संज्ञान में पहुंचा तो आरोप है कि पुलिस ने पीड़िता की तहरीर ही बदलवा दी.गैंगरेप की जगह छेड़छाड़ का केस दर्ज किया. इतना ही नहीं, 15 दिसंबर की आधी रात जब गैंगरेप की यह घटना हुई, उस वक्त पीड़िता और उसके परिवार वालों ने एक आरोपी को भी घर में ही पकड़ लिया था. फिर पुलिस बुलाकर उसे पुलिस के हवाले सुपुर्द कर दिया लेकिन, पीड़िता और उसके परिवार पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने छेड़छाड़ की FIR लिखने के बाद ठीक अगले दिन पीड़िता के परिवार वालों पर हत्या के प्रयास का मुदकमा दर्ज कर लिया.
हद तो तब हो गई, जब पुलिस ने गैंगरेप पीड़िता के उस भाई और पिता को भी हत्या की कोशिश का आरोपी बना दिया, जो शहर से बाहर रहकर काम करते हैं. बीते कई महीने से वे गोरखपुर आए भी नहीं हैं. गैंगरेप पीड़िता का आरोप है, पुलिस यह सबकुछ सिर्फ पिपराइच के BJP विधायक के दबाव में कर रही है. क्योंकि आरोपी पक्ष उनके ही लोग हैं. हालांकि, इस मामले पर SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा, ”अगर ऐसा है तो यह बेहद गंभीर विषय है. फिलहाल पीड़िता की तरफ से ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है. बावजूद इसके इस मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस किसी के दबाव में कतई काम नहीं करती.
हालांकि, गोरखपुर में रेप पीड़िता के साथ पुलिस की सहानभूति का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी अधिकारियों से लेकर सीएम योगी के जनता दरबार में जाकर एक महिला ने अपने ससुर पर छेड़छाड़ तो देवर पर रेप का आरोप लगाया था. लेकिन, पुलिस ने इस मामले में भी सिर्फ छेड़खानी का केस दर्ज किया. जबकि, पीड़िता गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी से मिलकर यह कह चुकी है कि अगर उसे अब इंसाफ नहीं मिला तो वे अपने 7 साल के बच्चे के साथ सुसाइड कर लेगी.
पीड़िता ने बताया कि मैं 19 साल की हूं् मैं एक दलित समाज की हूं और पिपराइच इलाके के एक गांव की रहने वाली हूं. घर पर मैं अपनी मां और दादी के साथ रहती हूं. बात 15 दिसंबर की रात को मैं और मेरी दादी खाना खाने के बाद घर में सो रहे थे. जबकि, मेरी मां रोज की तरह अपनी नाइट ड्यूटी पर थीं. इस बीच रात के करीब एक बजे मेरे गांव के प्रधान प्रदीप सिंह और अश्वनी उर्फ विपुल सिंह मेरे घर पहुंचे. आरोप है कि दोनों ने दरवाजा खुलवाया और जबरदस्ती मेरे घर में घुस गए. अभी मैं कुछ समझ पाती कि दोनों ने मेरा मुंह बंद कर दिया और मुझे पकड़कर घर के अंदर कमरे में ले गए. दोनों ने बारी- बारी से मेरे साथ रेप किया. इस बीच मैं जब इसका विरोध कर रही थी तो दोनों ने मुझे मारा-पीटा और जान से मारने की धमकी भी दी.




