संदेश न्यूज़ 24 गोरखपुर बेलीपार थाना के अंर्तगत सुअड्डा में करंट की चपेट में आने से बिजली निगम के संविदा लाइनमैन रामकिशुन की मृत्यु हो गई। फोन पर शटडाउन लेकर गड़बड़ी ठीक करने वह पोल पर चढ़े थे शटडाउन के बाद भी लाइन में करंट आने से वह पोल से गिर गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बिजली निगम के अफसरों व सब स्टेशन आपरेटर (एसएसओ) पर लापरवाही का आरोप लगाकर शव नहीं उठने दिया और गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों की नाराजगी देख बिजलीकर्मी सेंवई उपकेंद्र पर ताला लगाकर भाग निकले। इससे 75 गांवों की बिजली ठप हो गई। देर रात तकरीबन उपकेंद्र खोला गया तब बिजली दी जा सकी।
बेलीपार के चारपान सुअड्डा में शटडाउन लेकर पोल पर चढ़ा था रामकिशुन
ककराखोर निवासी रामकिशुन वर्ष 2008 से बिजली निगम में काम करते थे। कुछ साल पहले उनकी तैनाती संविदा लाइनमैन के रूप में हुई थी। बुधवार दोपहर चारपार सुअड्डा में गड़बड़ी की सूचना पर वह पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रामकिशुन ने फोन पर उपकेंद्र के एसएसओ सत्येंद्र पांडेय से शटडाउन लिया और पोल पर चढ़ गए। अभी उन्होंने गड़बड़ी ठीक करनी शुरू ही की थी अचानक करंट की चपेट
दो फीडरों पर था शटडाउन
सेंवई उपकेंद्र से एक लाइनमैन ने मेहरौली का शटडाउन लिया था। रामकिशुन ने चेरिया का शटडाउन लिया था। लोगों का कहना है कि मेहरौली के लाइनमैन ने फोन पर शटडाउन वापस लेने के लिए एसएसओ को कहा तो उसने चेरिया का शटडाउन वापस ले लिया। एसएसओ सत्येंद्र पांडेय ने बताया कि रामकिशुन ने 11:45 बजे शटडाउन लिया था और 11:50 पर वापस कर दिया। इसके बाद उन्होंने कोई शटडाउन नहीं लिया
परिवार का है बुरा हाल
रामकिशुन के दो बेटे व एक बेटी हैं। मृत्यु की सूचना मिलते ही पत्नी संगीता बेहोश हो गईं। बेटा नितेश, रितेश और बेटी नेहा का रो-रोकर बुरा हाल है।
पांच लाख रुपये की मिलेगी सहायता
राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगने की सूचना पर पहुंचे उपजिलाधिकारी बांसगांव कुंवर सचिन सिंह, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अरुण कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी बांसगांव प्रशाली गंगवार ने स्वजन से बात की। उन्होंने अधिशासी अभियंता सोमदत्त शर्मा से बात कर स्वजन को पांच लाख रुपये की सहायता, पत्नी को पेंशन, दो बच्चों को 25 वर्ष की आयु तक 128 सौ रुपये प्रति भत्ता, पत्नी को हर महीने 25 सौ रुपये जीवन निर्वाह भत्ता और अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रुपये की सहायता देने का लिखित आश्वासन दिलाया। इसके बाद जाम खत्म हुआ।




