संदेश न्यूज़ 24 उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क पुलिस ने जालसाजी के आरोप में पुराना चकबंदी कार्यालय बरहालगंज निवासी व्यवसाय प्रबंधक अजय वर्मा व फील्ड अधिकारी श्रवण वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.कोतवाल मधुपनाथ मिश्रा ने बताया कि उक्त आरोपी पहले सहारा में एजेंट का काम करता था.इस दौरान उन्होंने गोरखपुर में यूनाइटेड इंडिया ग्रुप ऑफ कंपनीज के निदेशक से मुलाकात की.
निदेशक ने दोनों लोगों को अपनी कंपनी के एजेंट के रूप में नियुक्त किया और कोड आवंटित किया. यह कोड कंपनी के सॉफ्टवेयर में खुलता है. निर्देशक ने अजय वर्मा के काम से प्रभावित होकर उन्हें प्रबंधक के पद पर और श्रवण वर्मा को फील्ड अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया. पहले इस कंपनी का नाम यूनाइटेड इंडिया मेगा प्रोजेक्ट लिमिटेड था, बाद में इसके साथ यूनाइटेड इंडिया एग्रो कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और उसके बाद उन्होंने तीसरी कंपनी ट्रिन्टी मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड खोली. कोतवाल ने बताया कि आरोपी ने डॉ. विनय कृष्ण अग्रवाल से संपर्क किया और कंपनी के निदेशक/अध्यक्ष आदि से उनका परिचय कराया और यूनाइटेड इंडिया एग्रो कोऑपरेटिव सोसाइटी मेगा प्रोजेक्ट लिमिटेड में पत्नी और बेटे डॉ. वीके अग्रवाल को कंपनी की योजना के बारे में बताया. लाख रुपए जमा किए गए. आरोप है कि पैसे नहीं मिले और आरोपी ने धोखाधड़ी की




